अनुश्री की अनमोल पंक्तियां
- March 20, 2025
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Jagrat Times, Kanpur / अनुश्री की अनमोल पंक्तियां तुम्हारे ख़याल कीधुरी पर मगनप्रेम की कक्षा में निरन्तरघूमते हुए तुम्हारे गिर्दपरिक्रमा को हीजीवन मानती है वोन्यूटन के सिद्धांत कोझुठलाते
Jagrat Times, Kanpur / अनुश्री की अनमोल पंक्तियां
तुम्हारे ख़याल की
धुरी पर मगन
प्रेम की कक्षा में निरन्तर
घूमते हुए तुम्हारे गिर्द
परिक्रमा को ही
जीवन मानती है वो
न्यूटन के सिद्धांत को
झुठलाते हुए पृथ्वी
खिंची चली जा रही है
आसमान की तरफ
आसमान जानता है
पृथ्वी उसे कितना भी चाह ले
वो पृथ्वी को हासिल नहीं हो सकता
आसमान की आँखों से टपकते
हर आँसू को
पृथ्वी आत्मसात करती है
स्वयं में
दोनों ही भोग रहे हैं
बिना मिलन के
वियोग का दुःख
